जाने कैसा रहेगा आप की नाम राशी के मुताबिक नवम्बर मास 2025 का भविष्य
1. *मेष राशि* (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ) - मंगल अस्त-व्यस्त रहने से स्वास्थ्य-कष्ट, घरेलू उलझनें तथा बनते कामों में अड़चन रहेगी। धन का अपव्यय, लाभ में कमी एवं पुत्र-चिन्ताएँ रहेंगी।
2. *वृष राशि* (ई, उ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो) - ता. 2 से शुक्र पुनः स्वराशिगत होने पर परिस्थितियों में सुधार के योग। धीरे-धीरे आर्थिक क्षेत्र में परिवर्तन एवं लाभ संभावना। मंगल-दृष्टि से योजनाएँ पूर्ण करने में विलम्ब सम्भव; कार्य _कौशल_ दिखाएँ।
3. *मिथुन राशि* (क, की, कु, घ, ङ, छ, के, को, ह) - मासारम्भ में शुभ ग्रह षष्ठस्थ होने से व्यावसायिक क्षेत्रों में दौड़-धूप अधिक एवं नये सम्पर्क जीवित रहेंगे। जमीन-जायदाद सम्बन्धी समस्याएँ उत्पन्न होंगी। ता. 9 से फिर भाग्येश रहेंगे।
4. *कर्क राशि* (हि, हु, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो) - शनि की ढैया के बावजूद शुक्र अनुकूल; व्यवसाय-नौकरी में स्थिरता व आय बढ़ेगी। स्वास्थ्य सामान्य पर दायित्व अधिक; पारिवारिक समझौता लाभदायक।
5. *सिंह राशि* (म, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे) - सूर्य नीचराशिगत एवं केतु संचार के कारण धन-लाभ साधारण हो, मानसिक तनाव एवं क्रोध अधिक रहे। परिवार में अकारण ही विरोधाभास और तनाव उत्पन्न हो। उत्तरार्द्ध में व्यर्थ यात्रा से परेशानी होगी।
6. *कन्या राशि* (टो, पा, पी, पू, ण, ठ, पे, पो) - परिवार, भूमि-जायदाद सम्बन्धी धर्म-कर्म में रुचि रहेगी। बिगड़े कार्य बनेंगे। निविघ्न आय के साधन बने रहेंगे।
7. *तुला राशि* (रा, री, रू, रे, रो, ता, ति, तु, ते) - ता. 2 से शुक्र स्वराशिगत (तुला) रहने से परिस्थितियाँ कुछ सम्हलेंगी; धन-लाभ के अच्छे अवसर मिलेंगे। सम्पत्ति, भूमि-मकान सम्बन्धी कार्यों में प्रगति के योग।
8. *वृश्चिक राशि* (तो, न, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू) - मासारम्भ में शुभ ग्रह लाभ-स्थान में होने से कार्य-क्षेत्र में महत्त्वपूर्ण सम्पर्क बढ़ेंगे व नई योजनाएँ बनेंगी। पूर्व प्रयासों का लाभ कुछ दिन बाद मिलेगा।
9. *धनु राशि* (ये, यो, भा, भी, भू, धा, फ, ढे) - राशि-स्वामी गुरु की उच्च स्थिति से धन-लाभ व व्यवसाय-उन्नति के योग, परन्तु असन्तोष के कारण प्रतिष्ठा में विघ्न-बाधाएँ; शत्रु प्रबल रहेंगे।
10. *मकर राशि* (भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी) - गुरु की उच्च दृष्टि से विवेक जाग्रत होगा; निर्णय उचित होंगे। शत्रु-पक्ष निरस्त होगा और मानसिक शान्ति मिलेगी। धन-लाभ होगा; परिवार व परिजन से स्नेह तथा सहयोग प्राप्त होगा।
11. *कुम्भ राशि* (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सौ, दा) - मासारम्भ से मंगल की दृष्टि रहने से श्रम अधिक, बनते कार्यों में चिन्ता तथा मानसिक तनाव एवं घरेलू उलझनें रहेंगी। अचानक शुक्र सम्बन्धी शुभ समाचार मिल सकता है।
12. *मीन राशि* (दि, दु, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची) - गुरु-परी तिथि में उपचार बने रहने से आर्थिक जीवन में अनेक प्रगति के साधन बढ़ेंगे और सन्तान-पक्ष में अवसर प्राप्त होगा। स्वास्थ्य-स्थिति भी उपयुक्त रहेगी

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